100+ Shikayat shayari in hindi 2023 | शिकायत शायरी | Shikayat shayari 2023

Shikayat shayari in hindi 2023 : हेल्लो दोस्तों क्या आप भी गूगल पर shikayat shayari खोज रहे हैं ! तो दोस्तों आप बिलकुल सही जगह पर आये हैं ! हम आपके लिए शिकायत शायरी कलेक्सन लेकर आये हैं जिसे आप अपनी Girl Friend के साथ बड़ी ही आसानी से शेयर कर सकते हो ! इसके आलावा आप इन्हें facebook , Whatsapp , instagram पर स्टेटस के रूप मैं लगा सकते हैं ! 

Shikayat shayari in hindi 2023

Shikayat shayari in hindi 2023

 

बहुत अंदर तक जला देती है,

वो शिकायतें जो बयाँ नही होती।

Bahut andar tak jala deti hain

Vo shikayatain jo bayan nahi hoti

 

दिल टूटने पर भी जो आपसे शिकायत तक ना करे,

उससे ज्यादा मोहब्बत कोई और आपको नहीं कर सकता।

Dil tootane par bhi jo aapse shikayat tak na kare

Usase jyada mohbbat koi or aapko nahi kar sakta

 

बहुत से तरीके हैं, तुमसे शिकायत करने के

पर ना जाने क्यूं मैंने चुप रहना ही चुना हैं।

Bahut se tareeke hain , tumse shikayat karne ke

par na jane kyun Maine chup rahna hi chuna hai

 

अब शिकायतें तुम से नही मुझे खुद से हैं,

 माना के सारे झूठ तेरे थें,

 लेकिन उन पर यकिन तो मेरा था। 

Ab shikayatain tum se nahi mujhe khud se hai ,

Mana ke sare jhooth tere the

Lekin un par yakeen to mera tha . 

 

खुश हूं बाहर से,

अंदर से शिकायतों से भरा पड़ा हूं,

भावनाएं खत्म सी है,

जैसे लगता है मैं मरा पड़ा हूं। 

Khus hu bahar se 

Andar se shikayaton se bhara pada hu , bhavnayen khatm si hain 

Jaise lagta hai main mara pada hu . 

 

 

शिकायत शायरी 2023

Shikayat shayari in hindi 2023

 

शिकायत करने से खामोश रहना बेहतर है,

क्योंकि, जब किसी को फर्क 

नही पड़ता तो शिकायत कैसी। 

Shikayat karne se khamosh rahna behtar hai ,

kyoki jab fark nahi padta 

To shikayat kaise . 

 

SHIKAYAT SHAYARI IN HINDI

तूझे ही गले लगा कर,तेरी ही शिकायत,

तुझसे ही करने का दिल करता है।

Tujhe hi gale lagakar , teri hi shikayat 

Tujhse hi karne ka dil karta hai 

 

बिन तेरे,जिंदगी से शिकायत क्यों करूं भला,

गिला तो तब होता, 

जब तू पास होकर भी साथ ना होती।

Bin tere jindagi se shikayat kyo karu 

Bhala , gila to tab hota 

Jab tu paas hokar bhi sath na hoti . 

 

जिससे शिकायत है, उसी से मोहब्बत है,

मतलब जो दर्द है,वही दवा है।

Jisase shikayat hai , usi se mohbbat hai 

Matalab jo dard hai vahi dava hai . 

 

मेरे दर्द ने मेरे जख्मों से शिकायत की है,

आँसुओ ने मेरे सब्र से बगावत की है,

गम मिला है तेरी चाहत के समंदर में,

 हाँ मेरा जुर्म है कि मैंने मोहब्बत की है। 

Mere dard ne mere jakhmon se shikayat ki hai 

Aasuon ne mere sabra se bagavat ki hai 

Gam mila hai teri chahat ke samndar me 

Ha mera jurm hai ki maine mohbbat ki hai . 

 

Dard Shikayat shayari 

Shikayat shayari in hindi 2023

 

कोई शिकायत नहीं उल्टा मैं तो शुक्रगुज़ार हूँ तेरा,

तूने बता दिया मोहब्बत का अंजाम अच्छा नहीं होता। 

Koi shikayat nahi ulta mai sukraguzar hu tera 

Tune bata diya mohbbat ka anjaam achha nahi hota 

 

जिंदगी से शिकायत शायरी

मेरी हो कर भी तूने सताया बहत है मुझे,

ए-जिंदगी में तेरी भी शिकायत करूंगी खुदा से।

Meri hokar bhi tune sataya bahut hai Mujhe

e jindagi me teri bhi shikayat karungi khuda se . 

 

शिकवा तो हमें अपनी ज़िंदगी से हैं,

ना जाने मौत किस बात पर रूठ के बैठी है। 

Shikva to hame apni jindagi se hai 

Na jane mout kis bat par rooth ke baithi hai .

 

जिंदगी से शिकवे तो सभी को हैं

पर जो मौज मैं जीना जानते हैं,

वो शिकायत नहीं करते।

Jindagi se shikve to sabhi ko hain 

Par jo mouj me jeena jante hain 

Vo shikayat nahi karte . 

 

जिंदगी से एक शिकायत बस यही रही,

जिस चीज को दिल से चाहा, वही क्यों जुदा हुई!

Jindagi se ek shikayat bas yahi rahi 

Jis cheez ko dil se chaha 

Vahi kyo juda hui 

Jindagi se shikayat shayari 

Shikayat shayari in hindi 2023

 

शिकायत क्या करें हम इन अंधेरी रातों से,

मेरी जिंदगी में अंधेरा तो दिन में भी रहता है। 

Shikayat kya kare ham en andheri raton se 

Meri jindagi me andhera to din me bhi rahta hai . 

 

कभी पलकों पे आंसू है,

कभी चाहत पर शिकायत है,

मगर ए जिंदगी फिर भी मुझे तुझ से मोहब्बत है। 

Kabhi palkon pe aanson hai 

Kabhi chahat par shikayat hai 

Magar e jindagi fir bhi mujhe tujh se mohbbat hai . 

 

खोए हुए आंसुओं से मोहब्बत मुझे भी है,

तेरी तरह ज़िन्दगी से शिकायत मुझे भी है,

तू अगर नाज़ुक है तो पत्थर मैं भी नहीं,

तन्हाई में रोने की आदत मुझे भी है। 

Khoye huye aansuon se mohbbat mujhe bhi hai 

Teri tarah jindagi se shikayat mujhe bhi hai 

Tu agar najuk hai to patthar me bhi nahi 

Tanhai me rone ki aadat mujhe bhi hai 

 

शिकायत के हंगामे से बेहतर है,

की दर्द की खामोशी रखूँ मैं,

ऐसे जीने से बेहतर है सदा की बेहोशी रखूं मैं। 

Shikayat ke hangame se behtar hai 

Dard ki khamoshi rakhun me 

Aise jeene se behtar hai sada behoshi rakhu me 

मुझे छोड़कर वो खुश है तो शिकायत कैसी,

अब मैं उन्हें खुश भी ना देखूं तो मोहब्बत कैसी।

Mujhe chodkar vo khus hai to shikayat kaise 

Ab me unhe khus bhi na dekhu to mohbbat kesi 

 

 

रखिए शिकायत एक तरफ,

एक तरफ फरियाद रखिए,

इंतजार सबक है इश्क का, इसे याद रखिए। 

Rakhiye shikayat ek taraf 

Ek taraf fariyad rakhiye 

Intzaar sabak hai ishq ka 

Ese yaad rakhiye 

 

ये ना पूछना कि,ज़िंदगी खुशी कब देती है,

क्योंकि शिकायत तो उन्हें भी है, 

जिन्हें ज़िंदगी सब कुछ देती है।

Ye na puchna ki jindagi khusi kab deti hai 

Shikayat to unhe bhi hai 

Jinhe jindagi sab kuch deti hai 

 

शरारत ना होती तो शिकायत ना होती,

नैनों में किसी की यूं नजाकत ना होती,

ना होती बेकरारी ना होते हम यूं तन्हा,

ज़हान में ये कम्बखत मोहब्बत ना होती।

Shararat na hoti to shikayat na hoti 

Nainon me kesi ki yu nazakat na hoti 

Na hoti bekarari na hote ham yu tanha jahan me 

Ye kambakt mohbbat na hoti

 

पत्थरों को शिकायत है,कि

पानी की मार से टूट रहे है,

पानी को गिला है कि पत्थर हमें खुल कर बहने नहीं देते। 

Pattharon ko shikayat hai ki 

Pani ki maar se toot rahe hai 

Pani ko gila hai ki patthar hame khul kar bahne nahi dete 

 

2 LINE SHIKAYAT SHAYARI IN HINDI

2 lines shikayat shayari in hindi

 

हजार शिकायतें है दिल में पर कहूँ किससे,

इधर दिल अपना तो उधर तुम अपने।

Hazaar shikayaten hain dil me par kahu kisase 

Idhar dil apna to udhar tum apne 

 

रो लेते हैं कभी कभी ताकि

आंसुओं को भी कोई शिकायत ना रहे। 

Ro lete hain kabhi kabhi taki

aansuon ko bhi koi shikayat na rahe 

 

साथ तो ज़िंदगी भी छोड़ देती है,

फिर लोगो से शिकायत कैसी।

Sath to jindagi bhi chod deti hai 

Fir logon se shikayat kaise 

 

मुझे तुमसे कोइ शिक़ायत तो नहीं

लेकिन,यार ऐसे दिल को किसी के तोड़ा नहीं करते।

 Mujhe tumse koi shikayat to nahi 

Lekin yaar aise dil ko kesi ke toda nahi karte . 

 

शिकायतों से घर नही चलता जनाब,

उम्र चाहे जो भी हो कमाना पड़ता हैं। 

Shikayaton se ghar nahi chalta janaab 

Umra chahe jo bhi ho kamana padta hai 

 

ना कोई शिकवा ना कोई शिकायत,

खामोशी की अब डाल ली आदत।

 Na koi shikva na koi shikayat 

Khamosi ki ab daal li aadat 

MOHABBAT KI SHIKAYAT SHAYARI

 

इश्क है अगर शिकायत ना कीजिए,

और शिकवे है तो मोहब्बत ना कीजिए।

Ishq hai agar shikayat na kijiye 

Or shikve hai to mohbbat na kijiye 

 

आने वालों से इतना फासला रखिए की

जाने पर उनके कोई शिकायत ना हो।

Aane valon se itna fasla rakhiye ki 

Jane par unke koi shikayat na ho 

 

तुमसे शिकायत भी है और प्यार भी है,

तेरे आने की उम्मीद भी नहीं और इंतजार भी है।

Tumse shikayat bhi hai or pyar bhi hai 

Tere aane ki ummed bhi nahi or intzaar bhi hai  

 

किस से करे तेरी बेरूखी की शिकायत,

यहां तो हर शख्स तुझे मेरा समझता है। 

Kis se kare teri berukhi ki shikayat 

Yaha to har saks tujhe mera samjhta hai 

 

शिकायतें सब मंज़ूर हैं तुम्हारी,

पर जरा मुस्कुराकर कहना। 

Shikayaten sab manjoor hai tumhari 

Par jara muskurakar kahna 

 

अब आप ही गौर करिये अपनी हरकतों पर,

अब हम कुछ कहेंगे तो शिकायत लगेगी आपको। 

Ab aap hi gour kariye apni harkaton par 

Ab ham kahenge to shikayat lagegi aapko 

 

MOHABBAT KI SHIKAYAT SHAYARI 

MOHABBAT KI SHIKAYAT SHAYARI

 

मुझे बस इतनी-सी शिकायत है,

कि मुझे तुम क्यू छोड़ गयी ?

जिस दिल में इतना प्यार भरा था,

उसे क्यू बेवजह तोड़ गयी ?

Mujhe bas etani si shikayat hai 

Ki mujhe tum kyu chor gayi 

Jis dil me itna pyaar bhara tha 

Use kyu bevajah tod gayi . 

 

शिकायत तुमसे नहीं ,

जिंदगी से है 

वो अलग बात है कि 

तुम ही ज़िन्दगी हो .

Shikayat tum se nahi 

Jindagi se hai 

Vo alag baat hai ki 

Tum hi jindagi ho .

 

कभी अपने माँ-बाप को,

 शिकायत का मौका मत देना।

 चाहे कितना भी हो मन खराब ,

 उनसे कभी बुरा मत कहना।

Kabhi apne maa baap ko 

Shikayat ka mouka mat dena 

Chahe kitna bhi ho man kharab 

Unse kabhi bura mat kahna .

 

ज़िन्दगी से अगर 

शिकायत करते रहोगे

तो खुद को दिन-ब-दिन 

कमज़ोर करते रहोगे

Jindagi se agar shikayat 

Karte rahoge 

To khud ko din b din 

Kamjor karte rahoge .

 

इंसान की फितरत ही है कुछ ऐसी,

इसे तो हर चीज़ से शिकायत है.

इंसान को इंसान से तो छोडो,

इसे तो भगवान से भी शिकायत है .

Insaan ki fitrat hi hai kuch aise 

Ise to har cheez se shikayat hai 

Insaan ko insaan sw to chodo 

Ise to bhagwan se bhi shikayat hai . 

 

naseeb shikayat shayari

naseeb shikayat shayari

 

नहीं शिकायत रही अब मुझे तेरी नजरअंदाजी से

तु बाकियों को खुश रख हम तन्हा ही अच्छे है

Nahi shikayat rahi ab mujhe teri nazar andaazi se 

Tu bakiyon ko khush rakh ham tanha hi achhe hain . 

 

एक हद तक दर्द सहने के बाद इंसान खामोश हो जाता है

और फिर ना किसी से शिकायत करता है

ना किसी से कोई उम्मीद रखता है

Ek had tak dard sahne ke baad insaan khamos ho jata hai 

Or fir na kesi se shikayat karta hai ,

Na kesi se koi ummeed rakhta hai . 

 

जुदा तो एक दिन सांसें भी हो जाती है

तो फिर शिकायत सिर्फ मोहबत से ही क्यों

Juda to ek din saansen bhi ho jati hai

To fir shikayat sirf mohbbat se hi kyo 

 

लहजा शिकायत का था मगर

सारी महफिल समझ गई मामला मोहब्बत का है

Lahza shikayat ka tha magar 

Sari mahfil samjh gayi mamla mohbbat ka hai . 

 

शिकायत तो बहुत है तेरे से ए जिंदगी

पर चुप इसलिए हूं क्योंकि

जो तूने मुझे दिया है बहुतों के नसीब में नहीं

Shikayat to bahut hai tere se e jindagi 

Ji tune mujhe diya hai bahuton ke naseeb me nahi 

 

rishte shikayat shayari

Shikayat shayari in hindi 2023

 

शिकायतें तुम बड़ी खूबी से टाल देती हो

सवाल होठों के और आंखों से जवाब देती हो

Sikayatain tum badi khubi se tal deti ho 

Saval hoton ke or aankhon se jabaab deti ho 

 

यूं तो कोई शिकायत नहीं मुझे मेरे आज से

मगर कभी-कभी बीता हुआ कल बहुत याद आता है ! 

Yu to koi shikayat nahi mujhe mere aaj se 

Magar kabhi kabhi beeta hua kal bahut yaad aata hai . 

 

इश्क करना तो लगता है जैसे मौत भी बड़ी एक सजा है

क्या किसी से शिकायत करें जब अपनी तकदीर ही बेवफा है

Ishq kana to lagta hai jaise mout bhi badi ek saja hai 

Kya kesi se shikayat kare jab apni takdeer hi bebafa hai . 

 

अपने ही हमें खुश नहीं देखना चाहते

तो गैरों से क्या शिकायत ! 

Apne hi hame khus nahi dekhna chahte 

To gairon se kya shikayat . 

 

हमें उनसे कोई शिकायत नहीं

शायद हमारी किस्मत में चाहत नहीं

मेरी तकदीर को लिखकर तो ऊपर वाला भी मुकर गया

पूछा तो कहा ये मेरी लिखावट नही

Hame unse koi shikayat nahi 

Shayad hamari kismat me chahta nahi 

Meri takdeer ko likhakar upar vala bhi mukar gaya 

Pucha to kaha ye meri lakhavat nahi 

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दोस्तों उम्मीद करता हु ये पोस्ट आपको बहोत पसंद आयी होगी जिसमे हमने Shikayat shayari in hindi 2023 का पूरा कलेक्सन डाला है ! दोस्तों इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा सोशल मीडिया पर शेयर करें ! 

धन्यबाद

हेल्लो दोस्तो मेरा नाम है - Neeraj Guru और मैं neerajguru.com का Author हूँ | यहाँ मैं Technology से जुड़ी जानकारी हिन्दी मैं शेयर करता हूँ इसलिए आप neerajguru.com पर एक बार जाकर जरुर देखें - धन्यबाद

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